Friday, April 4, 2025
spot_img
Homeअपना इंदौरमप्र का वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 04 लाख 21 हजार करोड़...

मप्र का वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 04 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश

मप्र का वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 04 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश

युवाओं, छात्रों, सरकारी कर्मचारियों के लिए खास प्रावधान।

बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया।

भोपाल : वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। बजट में सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया, लेकिन पुराने टैक्स कम भी नहीं किए। बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए प्रावधान बीते वर्ष के मुकाबले घटाकर 18,669 करोड़ कर दिया गया, पिछले वर्ष लाडली बहना का बजट 18,984 करोड़ रू.था। हालांकि, लाडली बहनाओं को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना से जोड़ने का ऐलान किया है।

बजट में युवाओं और छात्रों के लिए खास प्रावधान किए गए हैं। निजी क्षेत्र में युवाओं के लिए 3 लाख रोजगार उपलब्ध कराने का ऐलान बजट में किया गया है।ये रोजगार नए विकसित हो रहे 39 औद्योगिक क्षेत्रों में मिलेंगे। छात्रों के लिए पहले से चल रही लैपटॉप योजना के लिए 220 करोड़ और साइकिल के लिए 215 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश के साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों के भत्तों के पुनरीक्षण का ऐलान बजट में किया गया है।ये भत्ते 7वें वेतनमान के आधार पर दिए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने बजट में 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल खोले जाने की घोषणा भी की है। उज्जैन सिंहस्थ के लिए 02 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने गाय और गोपालकों के लिए भी प्रावधान किए हैं। दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर 5 रुपए बोनस दिया जाएगा वहीं गोशालाओं में गायों के आहार के लिए सहायता प्रति गाय 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रतिदिन की गई है।

वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि 2025-26 का बजट जीरो वेस्ट बेस्ड प्रक्रिया से तय किया गया है। सरकार का लक्ष्य विकसित मध्यप्रदेश है। ये हैं बजट के खास प्रावधान:- कौशल विकास के लिए लोकमाता अहिल्याबाई कौशल कार्यक्रम शुरू होगा।
प्रदेश में नौ अंतरराष्ट्रीय हॉकी टर्फ बनाए जाएंगे।
25 करोड़ की लागत से एक सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम बनाया जाएगा।
मोटर व्हीकल टैक्स में छूट।
वाहन स्क्रैप योजना को प्रोत्साहित करेंगे। नई गाड़ी खरीदने पर परिवहन वाहन के लिए मोटर व्हीकल टैक्स में 15 फीसदी और गैर परिवहन वाहन के लिए 25 फीसदी की छूट मिलेगी।
राष्ट्रीय उद्यान और बफर क्षेत्र में वन्य जीव प्राणी-मानव संघर्ष को रोकने के लिए 3000 किलोमीटर फेंसिंग की जाएगी।
जनजातीय इलाकों में सीएम राइज स्कूल के लिए 1017 करोड़ का प्रावधान।
अनुसूचित जनजाति वर्ग के 50 स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए सरकार विदेश भेजेगी।
जनजाति बहुल 11300 से अधिक गांवों का कायाकल्प होगा।
बिजली बिलों में राहत के लिए 5700 करोड़ रुपये का प्रावधान।
350 करोड़ से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन तैयार होंगे।
नारी सम्मान और नारी कल्याण के लिए सरकार की मदद।
किसान फसल बीमा योजना के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान।
धान उपार्जन के लिए 850 करोड़ का प्रावधान।
किसानों को सौर ऊर्जा का लाभ देने 447 करोड़ की मदद प्रस्तावित।
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना का ऐलान।
प्रदेश की लाड़ली बहनों को अटल पेंशन योजना से जोड़ने की घोषणा की गई है। इसके अलावा लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना और अटल पेंशन योजना से भी जोड़ा जाएगा। खाद्यान्न योजना के लिए 7132 करोड़ और श्रम विभाग के लिए 1808 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। युवा कल्याण के लिए छात्रवृत्ति, खेल और विदेश में पढ़ाई का प्रावधान।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए चार हजार 66 करोड़ रुपये।
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए मुख्यमंत्री समग्र परिवार योजना शुरू करने का एलान।
प्रदेश की शालाओं के उन्नयन के लिए 228 करोड़ रुपये का प्रावधान।
प्रत्येक जिले में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन। ये समिति जिले की विकास योजना का रोड मैप तैयार करेगी। इसमें सलाहकार शामिल किए जाएंगे।
जनजाति छात्रों की आकांक्षा योजना के लिए 20 करोड़ 52 लाख का प्रस्ताव।
जनजातीय विकास के लिए 200 करोड़ रुपए प्रस्तावित।
जीआईएस के कारण 21 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
प्रदेश के जिलों के 19 उत्पाद को जीआई टैग मिल चुका है।
स्टार्टअप नीति 2025 के तहत 10 हजार स्टार्टअप स्थापित होंगे।
उद्योगों को 3250 करोड़ की सहायता दी जाएगी।
5 वर्षों में उद्योग को करीब 20 हजार करोड़ का इंसेटिव दिया जाएगा।
इस वर्ष 3250 करोड़ रुपये का इसेंटिव प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष से 551 करोड़ रुपये अधिक है।
39 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इनसे 3 लाख से अधिक रोजगार मिलेंगे।

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि एमपी का सकल घरेलू उत्पाद 250 लाख करोड़ तक करना सरकार का लक्ष्य है। 2025-2026 का बजट 15 फीसदी बढ़ाया गया है।
सीएम किसान योजना के लिए 5220 करोड़ का प्रावधान। श्रीअन्न उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular